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Monday, 17 June 2019

Kabir Das


I would like to quote a few lines on the auspicious occasion of the Birth Anniversary of Saint Kabir Das. Unlike present society there was a time when the discrimination on the basis of the caste, creed and religion was high, a particular group of saints landed on the earth to create harmony among the people who were fighting against each other.

One such legendary figure was the mystic poet and philosopher, saint Kabir Das who was said to be born in Laharatara (kashi) present-day Varanasi in 1398. His birth and death are still a mystery. It is said that he was born in Brahamin widower and brought up by the Muslim couple Neeru and Neema.

His early Life:

The medieval saint got his spiritual education from Varanasi through his guru Ramanand. It has been proved in the history of human tradition that it is not necessary to go to the Himalaya for the deep meditation, but it can be done by living in the society. Kabir Das himself was the ideal indication of this. He was not highly educated but the knowledge about the human philosophy and mythology was par excellence.
He was born in 1440 in Varanasi Jaunpur in India. 

Kabir’s teaching:

He preached in the form of couplets that have subtle meanings. 

One such couplet says about the life -
"pani kera budbuda us manas ki jaat, dekhat hi chhup jayega jyo taara prabhat" 

Meaning of the lines is:- The life of human being is like bubbles in water.it disappears at the twinkling of an eye exactly the way stars disappear as the day breaks  

To know more about such couplets in Hindi please click HERE

During all his life he taught human value and importance of lifeHe taught the God is unlimited, pure, omniscient, omnipresent and omnipotent. In of his Doha (couplets) reflects the idea of God.

“ Oh, how may I ever express these secret words?
Kabir Das (Photo-Google)
Oh, how can I say He is not like this...”


Kabir Das was born in the era that was known for utter discrimination of people on the basis of caste, creed and religions. Kabir devoted his entire life in the reconciliation of the Hindus and the Muslims. He deliberately abandoned the two faiths and taught a middle path. He spread the simplest message of love and fraternity among all.

He was all against the idol-worship and caste system. He used to call the Hindu and the Muslim “pot of the same clay” Reacting to the authority on the inner virtues of man. For him, the love for the human race, irrespective of caste, colour or creed, was the true religion. He appealed to the Hindus to give up rituals, sacrifices, lip-worship and caste differences and openly denounced the concept of incarnations. He appealed to the Muslims to give up their exclusiveness, their blind faith in one prophet, their performance of rites like a pilgrimage to Mecca,

His only mission was to preach the religion of love and fraternity that could unite all
He preached religion without devotion was no religion at all.

Thus Kabir did not establish any separate religious sect. His followers came to be known as Kabripanthis (believer of Kabir’s Ideology)  

One of his disciple Yugalanand quoted –“ The Hindu resorts to the temple and the Muslim to the mosque, but Kabir goes to the place where both are known. These two religions are like two branches in the middle of which there is a sprout surpassing them. Kabir has taken the higher path abandoning the customs of the two.”

“ Kabir is an incarnation of the Absolute who revealed himself to the world”.
  His Immediate disciple Dharamdas remarked

It is said Kabir left for heavenly abode in 1518 but some believed it was in 1448.....

For more such stories of legendary figure please read my blog on Gundadhur and Birsamunda 



Thursday, 30 May 2019

बीजेपी का इतिहास


इसमें कोई संशय नहीं है कि आज बीजेपी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। और इस पार्टी ने आज 303 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत पा चुकी
जय प्रकाश नारायण 
है जबकि एक समय सत्ता का पर्याय रहे कांग्रेस की यहीं स्थिति होती थी। मगर यह कोई एक दिन या एक वर्ष में ऐसा नहीं हुआ बल्कि निरंतर संघर्षों के कारण ये सम्भव हो सका है । जानते है आज देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी यानि भारतीय जनता पार्टी के इतिहास के बारे में ।

इतिहास

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में हुई थी और यह पहले भारतीय जनसंघ के नाम से जानी जाती थी जिसकी स्थापना श्यामाप्रसाद मुर्खजी ने 1951 में की थी। यानि 1951 से लेकर 1977 से लेकर इस पार्टी को भारतीय जनसंघ के नाम से जाना जाता था और फिर 1977 के बाद 1980 तक यह जनता पार्टी के नाम से जानी जाती थी। फिर 1980 के बाद यह भारतीय जनता पार्टी बनी जिसे बीजेपी के नाम से जाना जाने लगा।
क्या आप जानते है आज जिस बीजेपी को पूरे देश में 303 सीटें मिलीं है उसी बीजेपी को 1984 के आम चुनाव में महज 2 सीटें ही मिली थी ।
2 सीटों से 303 सीटों तक का सफर लम्बा और चुनौती भरा था।

भारतीय जनता पार्टी प्रारम्भ से ही यानि जनसंध के जमाने से ही हिन्दुत्व अवधारण की पक्षधर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानि आरएसएस की ईकाई है जिस कारण इस पर सांम्प्रदायिक पार्टी होने का आरोप लगता रहा है।

जनसंघ का कांग्रेस विरोध


भारतीय जनसंध को 1951 के आम चुनाव में कोई खास सफलता तो नहीं मिली मगर इसने जनता के बीच अपनी अच्छी खासी पहचान बना ली। भारतीय जनसंघ ने प्रारम्भ में कश्मीर एकता, जमींदारी प्रथा का विरोध और परमिट लाईसेंस कोटा जैसे मुद्दे पर जोर दिया और राज्यों में अपनी पैठ बनाना शुरू किया मगर पार्टी को कोई खास सफलता नहीं मिली।
जनसंघ ने जय प्रकाश नारायण का समर्थन किया जिन्होंने इंदिरा गांधी के खिलाफ नारा दिया था कि सिंहासन हटाओ जनता आती है।

इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल की घोषणा की इस दौरान जनसंघ के बहुत से नेताओं और कार्यकर्ताओं को जेल में डाला गया ।

फिर 1977 के में आपात काल की समाप्ति के बाद आम चुनाव में काग्रेस पार्टी की हार के बाद मोरारजीदेसाई भारत के प्रधान मंत्री बने जिसमें लालकृष्ण आडवानी को सूचना और प्रसारण मंत्री बनाया गया । तथा अटलबिहारी वाजपेयी को विदेश मंत्री बनाया गया। दुर्भाग्य वश मोरारजी देसाई की सरकार 30 महिने के बाद आपसी गुट बाजी के चलते धाराशायी हो गयी / 


जन संघ का नाम भारतीय बना जनता पार्टी हुआ 

श्यामा प्रसाद मुखर्जी 

और 1980 के चुनावों में विभाजित जनता पार्टी की हार हुई । यहीं से भारतीय जनसंध जनता पार्टी से अलग हुआ और इसने अपना नाम बदलकर भारतीय जनता पार्टी रखा।
अटलबिहारी वाजपेयी पार्टी के अध्ययक्ष बने । इस पार्टी में मुरली मानोहर जोशी और लालकृष्ण आडवानी इसके प्रमुख नेता रहे।

पंजाब और श्रीलंका को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने फिर इंदिरा गांधी की सरकार की आलोचना की।

1984 में इंदिरा गाधी की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को तीन चौथाई बहुमत मिला तो भाजपा को सिर्फ दो सीटें ही मिली। यह बीजेपी के लिए झटका था । फिर चुनाव सुधारों की बीजेपी ने वकालत शुरू कर दी। 

बंग्लादेश से आ रहे घुसपैठियों तथा बोफोर्स तोप सौदे को लेकर राजीव गांधी को बीजेपी ने घेरना प्रारम्भ किया
अटल बिहारी वाजपेयी 

1989 में भारतीय जनता पार्टी ने जनता दल के विश्व नाथ प्रताप सिंह को बाहर से समर्थन दिया चूकिं बीजेपी की सीटें बढ़कर 89 हो चुकी थी । मगर इस फैसले से बीजेपी ने गलत फैसला बताया ।

भाजपा  को मिला नया मुद्दा 


इस बीच आरक्षण मुद्दा गरमाया और मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू की। भाजपा को लगा कि वे अपना वोट बैंक खड़ा करना चाहते हैं । तो उसने फिर हिदुत्व का मुद्दा लेकर चुनाव मैदान में तैयारी शरू कर दी। मुद्दा था बाबरी मस्जिद का । अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जगह राममंदिर बनाने के लिए भाजपा ने जनता को वोट मांगना शुरू कर दिया और उस वक्त लाल कृष्ण आडवानी ने सोमनाथ से अयोध्या तक एक रथ यात्रा की और कार सेवकों की मदद से आयोध्या का विवादित ढांचा गिरा दिया।
मंडल का जवाब कंमडल से दिया ।
इस घटना से लालकृष्ण आडवानी गिरफ्तार हुए। भाजपा ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया । परिणामस्वरूप विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार गिर गई। और चुनाव प्रचार के दौरान 1991 में राजीव गांधी की हत्या हो गई ।

चुनाव में बीजेपी की सीटें बढ़कर 119 हो गई इसका श्रेय राम मंदिर के मुद्दे को दिया जाने लगा। कांग्रेस को स्पष्ट बहुतमत नहीं मिला और नरसिंम्हा राव अल्पमत की सरकार चलाते रहे। भाजपा ने कांग्रेस का विरोध जारी रखा और फिर देश में आई मंदी के कारण सरकार ने आर्थिक उदारीकरण की नीति अपनाई जिससे विदेशी कम्पनियों को भारत में निवेश करने का रास्ता साफ हो गया। भाजपा इस उदारीकरण की नीति का विरोध भाजपा करने लगी।

1996 चुनाव में भाजपा पहली बार एक बड़ी पार्टी बनकर उभरी मगर वह दूसरी पार्टियों के समर्थन से ही सरकार बनाने में कामयाब हो पायी। मगर लोकसभा में बहमत सिद्ध न कर पाने की सूरत में सरकार 13 दिन के बाद ही गिर गई । अटलबिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने थे। और कांग्रेस के बाहरी समर्थने से बने सरकारे जिसमें प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा और गुजराल थे वे भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके । 1998 में फिर चुनाव हुए भाजपा ने गंठबंधन करते हुए 181 सीटें पर अपनी बढ़त हासिल की । 

सीटों का तालमेल से सरकार तो बना ली अटलबिहारी वाजपेयी फिर प्रधानमंत्री बने मगर गठबंधन की प्रमुख दल एआइडीएमके की नेता जयललिता ने समर्थन वापस ले लिया तो अटल बिहारी की सरकार फिर गई ।

1999 फिर चुनाव हए 23 दलो के साथ साझा गठबंधन से साझा घोषणापत्र पर चुनाव लड़ा गया । इस गठबंधन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गंठबंधन का नाम दिया गया जो आज एनडीए कहलाता है। फिर एन डीए को बहुमत मिला अटलबिहारी वाजपेयी तीसरी बार भारत के प्रधान मंत्री बने और वे एक मायने पहले गैर कांग्रेसी प्रधान मंत्री बने ।

फिर गुजरात दंगे और गुजरात में बेमिसाल सरकार का नेतृत्व करने वाले नरेन्द्र दामोदर मोदी को बीजेपी ने प्रधानमंत्री का चेहरा घोषित किया और 2014 का चुनाव मोदी के नेतृत्व में लड़ा गया । अपने करिश्माई भाषण और जोरदार छवि वाले नरेन्द्र मोदी ने देश में एक नई जान दी । जो देश अब तक साझा सरकार, गठबंधन की मार से जूझ रहा था उसमें नरेन्द्र मोदी ने एक नई जान डाली ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार रथ यात्रा कर लालकृष्ण आडवानी ने बीजेपी की धमक बढ़ा दी थी। 2014 के आम चुनाव में बीजेपी को  बहुमत मिला और नरेन्द्र मोदी प्रधान मंत्री बने जो आज पर्यन्त है। 2019 चुनाव में भी बी जे पी को अच्छी  बडत मिली और पुरे देश में इसे 303 सीटें देकर जनता ने इस पार्टी पर विश्वास जताया है 

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Saturday, 18 May 2019

Holy Places in World


The world is full of such places that we call them as holy or sacred. According to the English Dictionary. A holy place is dedicated to a specific deity, ancestor, hero, martyr, the saint of the similar figure of awe and respect, at which said the figure is venerated or worshipped.
There have been conflicts in some of these holy places when members of other religions have claimed or attacked the sites.
Let’s take a look at some of the main holy places located in the world.

Amritsar, India


This city is the Sikh religion’s spiritual centre. The Golden Temple is the main shrine.  It is not only dedicated to the Sikh but also it is a symbol of brotherhood and equality. People from all over the world find spiritual solace here irrespective of caste, creed and religion.  It represents the distinct identity of the Sikh.
It was constructed with the digging of Amrit Sarovar (Holy Tank) by the fourth Guru of the Sikh Ramdasji in 1577 AD after he was adviced by his predecessor Guru Amardasji. Guru Granth Sahib was installed at the Harminder Sahib after the compilation of it. Baba Buddha Dev was the first head Priest of the Temple on August 16, 1604.

Athos Greece


This is a holy mountain for the Greek Orthodox Church.
There are many monasteries. This is one of the most beautiful places in the world. Monasteries built across the mountain create a scenic beauty. It is noteworthy that women are not allowed to get into the monasteries here for the religious region.  If you are men you need to submit documents even passport to the authority here.
Rules that were made in 1060 according to an edict called “Chryssobul” still remain valid here that allow you to go to the monasteries built-in Athos.

Banaras, India

It is one of the holy places in India which is dedicated to Lord Shiva. It was one of the oldest cities in India. It used to be called as Varanasi and Kashi. The city witnessed a tough time during the Mughal Empire as they destroyed many temples of historical importance. However, the Akbar brought little respite during his reign here. But later Maratha revived the city and it was an independent kingdom during 18 century.  The British made it a new Indian state
Banaras is the centre of Hindu pilgrimage. Its long ghats are remarkable. The Vishwanath temple dedicated to Lord Shiva, Sankatmochan Temple dedicated Hanuman and Goddess Durga temples are very famous around the world. The city has hundreds of other temples.
Sarnath a few miles away from Varanasi has ruins of ancient Buddhist monasteries.
It is the centre of art&craft and music, dance.

Bethlehem, Israel

It is the birthplace of Jesus Christ, the founder of Christianity.  That is the region it holds close connectivity to the people in the world. The old city of the Bethlehem offers a wide range of walking tours. It is the main attraction of tourists from all over the world. Restaurant, hotels have been open to serve tourists need. 

Ganges, India

River Ganga is sacred for Hindus. Despite much human interference the reiver-water never gets contaminated that’s the point to ponder. Government is making an effort to clean the river, Ganga.

Jerusalem, Israel

It is a holy city for Christians, Muslims and the Jews. Sites include the western wall, domes of the Rock and Church of the Holy Sepulchre.

Karbala, Iraq

This city is the centre of Shi’a Islam and contains the shrine of the Prophet Muhammad’s grandson al-Husain.

Lhasa, Tibet (China)

It is the centre of Tibetan Buddhism. The monastery hee was once the home of the Dalai Lama.

Lourdes, France

In 1858 Bernadette Soubirous (later St. Bernadette) saw an image of the Virgin Mary in a grotto at Lourdes. Since then Catholics, have made pilgrimages there. Seeking cures for illness.

Mekkah (Mecca), Saudi Arabia

Every Year, millions of Muslims go on pilgrimage to this city. They also turn to face Makkah when they pray.  It is the birthplace of Prophet Mohammad later he first revealed the Holy Quran here.

Medina, Saudi Arabia

This is the site of the tomb of the prophet Muhammad.

Olympus, Greece

The ancient Greeks believed the mountain to be the home of Zeus and other gods.

Santiago de Compostela, Spain

In the 9th century, a tomb believed to belong to the apostle James the Greater was discovered. Christianity makes pilgrimages to a shrine made on the sate.

Mount Shasta, California USA

It is a dormant volcano and a sacred site of Native Americans.
Vatican City
The City-state in Rome, Italy, is the centre of the Roman Catholic faith.


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